पीलीभीत, जनवरी 20 -- पूरनपुर, संवाददाता। आरोपी सुरेश ने यू टयूब से नकली कफ सीरप बनाने का तरीका सीखा। उसके बाद घर में ही फैक्ट्री खोलकर नकली सीरप तैयार करने लगा। गांव के अलावा उसने शाहजहांपुर में भी क्लीनिक खोलकर नकली कफ सीरप बिक्री किए। पुलिस ने लोगों से कफ सीरप खरीदते समय बारकोड की जांच कर दवा विक्रेता से बिल लेने की अपील की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी सुरेश कुमार ने बताया कि उसने पीलीभीत के निजी अस्पताल में तीन साल तक कंपाउडरी का काम किया। उसके बाद अपने गांव लौट आया और खुद का क्लीनिक चलाने लगा। इसके अलावा उसने शाहजहांपुर के खुटार और मझगवां में भी दो क्लीनिक खोले। दो साल पहले सुरेश ने यूटयूब पर नकली कफ सीरप बनाने का तरीका खोजा लिया। उसके बाद घर में ही सामग्री जुटाकर सीरप बनाने लगा। कोरेक्स सीरप बंद होने के बाद उसने टोपेक्स और कोयरेक्स टी न...