नई दिल्ली, फरवरी 6 -- काशी की धरती एक बार फिर छात्र राजनीति और सामाजिक न्याय की मांग का केंद्र बन गई है। शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 'एससी, एसटी, ओबीसी एकता मंच' के आह्वान पर यूजीसी के नए नियमों यानी यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस 2026 के समर्थन में छात्रों ने हुंकार भरी। पैदल मार्च और सभा का आयोजन किया गया। बीएचयू में शुरू हुई यह चिंगारी अब काशी विद्यापीठ से होते हुए प्रयागराज तक पहुंच गई है। वहां छात्रों ने लामबंद होकर सरकार और न्यायपालिका तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। काशी विद्यापीठ में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत समाज चौराहे से हुई। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शोधार्थी और शिक्षक हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए मानविकी संकाय तक पहुंचे। इसके बाद गांधी जी की प्रतिमा के नीचे धरना स्थल पर एक सभा आयोज...