हाथरस, जनवरी 28 -- हाथरस। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी लागू रेगुलेशन एक्ट मे नए नियम देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरी असमानता और भेद भाव उत्पन्न करने वाले हैं। यह कानून अपने वर्तमान स्वरूप में एकपक्षीय है,जिसके कारण छात्रों का शैक्षणिक और व्यवसायिक भविष्य बाधित होने की स्थिति बन गई है। शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए,न कि अगड़ा पिछड़ा के आधार पर किसी एक वर्ग के अधिकारों का हनन कर दूसरे वर्ग के लिए भूमि तैयार करना। भारत का संविधान समानता, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित है। ऐसे में किसी भी समिति का उद्देश्य संतुलित, बहुवर्गीय और समावेशी होना है। झूठी शिकायत पर निर्णय छात्रों के अधिकारो और विश्वास को प्रभावित करते हैं। यूजीसी के के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। पीएम के नाम ...