रामपुर, जनवरी 29 -- रामपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) द्वारा बनाए जा रहे कानून व नीतियों के विरोध में अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी भी आ गए हैं। उनका कहना है कि इस कानून में एससी-एसटी, ओबीसी और दिव्यांग छात्रों की सुरक्षा पर विशेष बल दिया गया है। जबकि सामन्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की अनदेखी की गई है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर तत्काल इस कानून पर रोक लगाने की मांग की है। गुरुवार को अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा के तमाम पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की और उनको राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि यूजीसी ने भारत के राजपत्र को अधिसूचित कर एक कानून लागू कर दिया। जो कि असंवैधानिक है। भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान करता है। ...