मुंगेर, अक्टूबर 29 -- मुंगेर, हिन्दुस्तान संवाददाता। उच्च शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत मुंगेर विश्वविद्यालय के कॉलेज आज एक बड़ी बुनियादी कमी से जूझ रहे हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध 18 अंगीभूत कॉलेजों में एक भी स्थायी लाइब्रेरियन नहीं हैं, जबकि कुल 36 स्वीकृत पद लाइब्रेरियन के हैं। यह स्थिति न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है, बल्कि विद्यार्थियों के अध्ययन और शोध कार्यों को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के प्रत्येक कॉलेज में लाइब्रेरियन का पद स्वीकृत होने के बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप अधिकांश कॉलेजों के पुस्तकालय केवल नाम मात्र के रह गए हैं। किताबों का अद्यतन, कैटलॉगिंग, डिजिटल रिकॉर्ड और शोधार्थियों के लिए स...