सिद्धार्थ, फरवरी 8 -- इटवा, हिन्दुस्तान संवाद। दिल का दौरा अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसके पीछे लापरवाह जीवनशैली सबसे बड़ा कारण बन रही है। इटवा के होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. भास्कर शर्मा ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत में हार्ट अटैक से 2.40 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों की तुलना में भारतीयों को दिल की बीमारी करीब एक दशक पहले घेर लेती है, जिससे कामकाजी वर्षों का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने युवाओं को चेताया कि सीने में भारीपन, दर्द, सांस फूलना, बांह या जबड़े में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। साथ ही साल में कम से कम एक बार ईसीजी, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य जरूरी जांच करा लें। उन्होंने धूम्रपान से दूरी, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.