चतरा, जनवरी 22 -- चतरा, प्रतिनिधि। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाता है। आज के बदलते दौर में भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने आज़ादी के आंदोलन के समय थे। "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" जैसे ओजस्वी नारे आज भी युवाओं में जोश और देशभक्ति की भावना भर देते हैं। युवाओं का मानना है कि नेताजी को ऐतिहासिक योगदान के अनुपात में वह सम्मान लंबे समय तक नहीं मिल सका, जिसके वे हकदार थे। आज़ादी की मुख्यधारा की राजनीति में उनका योगदान कई बार हाशिए पर रहा। हालांकि हाल के वर्षों में सरकार और समाज द्वारा उन्हें उचित सम्मान देने की पहल जरूर हुई है। नेताजी के विचारों में राष्ट्र सर्वोपरि, अनुशासन, आत्मसम्मान और संघर्ष की भावना युवाओं में सबसे अधिक लोकप्रिय है। आज का युवा उनके साहस, नेतृत्व क्षमता ...
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