देहरादून, जनवरी 20 -- राज्य सरकार का उद्देश्य भारतीय सनातन संस्कृति की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विरासत षोडश संस्कारों की महत्ता को जनसामान्य, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना है। ये बात संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार गैरोला ने उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार की ओर से आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय किशनपुर में आयोजित षोडश संस्कार प्रशिक्षण कार्यशाला एवं व्याख्यान माला के समापन पर कही। कार्यक्रम की शुरुआत अकादमी के सचिव प्रो. मनोज किशोर पंत ने अकादमी की भावी कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए षोडश संस्कारों के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। व्याख्यान सत्र में प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री, प्रो. मनोज किशोर पंत और डॉ. सूर्य मोहन भट्ट सहित विद्वानों ने षोडश संस्कारों के सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पक्षों पर अपने विचार प्...