विकासनगर, अप्रैल 5 -- चकराता वन प्रभाग की ओर से युवाओं को दिए जा रहे नेचर गाइड प्रशिक्षण शिविर के तहत शनिवार को सगंध और हर्बल पौधों की जानकारी दी गई। बताया कि उत्तराखंड के सगंध पौधों की जानकारी पर्यटकों को देने के साथ ही युवा सगंध पौधों की खेती कर अपनी आर्थिकी बढ़ा सकते हैं। वन आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र रामपुर मंडी में युवाओं को जानकारी देते हुए डॉ. विजय लक्ष्मी ने बताया कि सगंध पौधों से प्राप्त होने वाले इसेंशियल ऑइल का उपयोग आधुनिक सुगंध एवं सौंदर्य प्रसाधन उद्योग में व्यापक रूप में हो रहा है। सगंध पौधों का तेल का उपयोग इत्र, साबुन, धुलाई का साबुन, घरेलू शोधित्र, तकनीकी उत्पादों तथा कीटनाशक के रूप में होता है। उत्तराखंड में इन पौधों की खेती के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। आज इन पौधों को खेती के बड़े पैमाने पर वैकल्पिक औषधि एवं सुगंध के र...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.