गाज़ियाबाद, दिसम्बर 18 -- गाजियाबाद, प्रमुख संवाददाता। युवती से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कचहरी में वकालत करने वाले अधिवक्ता सुमित कुमार की जमानत अर्जी त्वरित न्यायालय-दो ने खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश निशांत मान ने मामले की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए कहा कि अभियुक्त को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। इसके साथ ही अदालत ने जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, एक युवती ने 22 जुलाई को खोड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि अधिवक्ता सुमित कुमार ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने बाद में मसूरी के एक निजी अस्पताल में उसका गर्भपात करा दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। वहीं बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि युवती पहले लिव-इन रिलेशनशिप ...
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