नई दिल्ली, मई 11 -- भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन चले संघर्ष के बाद युद्धविराम की घोषणा भले ही हुई हो, लेकिन इस बार हालात और रुख दोनों अलग हैं। भारत ने न सिर्फ आतंकी ठिकानों पर सफल सैन्य कार्रवाई की, बल्कि पाकिस्तान को कूटनीतिक, रणनीतिक और वैश्विक मंचों पर घेरने में भी सफलता हासिल की है। युद्धविराम सिर्फ एक अस्थायी ठहराव है, लेकिन भारत के लिए यह एक रणनीतिक जीत है - जहां उसने सैन्य, कूटनीतिक और नैतिक तीनों मोर्चों पर पाकिस्तान को घेरा है और स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंक की कोई "कीमत नहीं", बस "जवाब" मिलेगा। इस युद्धविराम में पाकिस्तान के हाथ क्या लगा?ऑपरेशन सिंदूर: आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल वार युद्धविराम से पहले भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पीओके और पाकिस्तान के अंदर कई आतंकी लॉन्च पैड्स, ठिकानों और सप्लाई बेस को निशाना बनाकर नष्ट किया...
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