लखनऊ, जुलाई 6 -- पुरातत्व निदेशालय लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता उप्र राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से रविवार को छतर मंजिल परिसर में महान देशभक्त और शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान एकता के प्रतीक डॉ. मुखर्जी को याद करते हुए उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर चर्चा की, जिसमें बताया गया कि डॉ. मुखर्जी ने बहुत कम उम्र में शिक्षा, राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। इस मौके पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में ज्ञानेंद्र कुमार रस्तोगी, प्रदीप सिंह, दीपा जोशी, डॉ. मनोज कुमार यादव, बलिहारी सेठ, ज्ञानप्रकाश, शशि भूषण...
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