बगहा, फरवरी 24 -- जिला मुख्यालय बेतिया से करीब 80 किलोमीटर दूर इंडो- नेपाल बॉर्डर के समीप स्थित सीमावर्ती गांव भिखना ठोरी, भतुजला, बेतहनिया, कैरी, विशुनपुरवा, महायोगिन, एकवा, परसौनी, खैरटिया, खैरवा टोला, बलबल एवं वनबैरिया में यातायात की सुविधा नहीं होने से इस क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव से बाहर आने जाने में इन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिनेश प्रसाद, शुभनारायण कुमार, कंचन देवी, मुस्लिम खान, रेखा देवी ने बताया बॉर्डर के करीब स्थित इन गांवों में थारू एवं अन्य आदिवासियों की बहुलता है। आर्थिक रूप से कमजोर इस समाज के लोगों का जीवन यापन मेहनत मजदूरी पर निर्भर है। मेहनत मजदूरी के लिए इन्हें गांव से बाहर शहर में जाना पड़ता है। लेकिन यातायात की सुविधा नहीं होने के चलते इन्हें भारी परेशानियों से दो चार होना ...