नई दिल्ली, मई 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिकाकर्ता पर 7 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया, जिसने चीफ जस्टिस बीआर गवई के महाराष्ट्र दौरे पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर जनहित याचिका (PIL) दायर की थी। सीजेआई गवई की अगुवाई वाली पीठ ने याचिका को खारिज करने से पहले कहा कि ऐसी पीआईएल कुछ और नहीं, बल्कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए दायर की गई 'प्रचार हित याचिका' है। इससे पहले, बीआर गवई ने खुद कहा था कि 18 मई को उनकी मुंबई यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल चूक एक मामूली मुद्दा है। इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए और यहीं विराम देना होगा। एससी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि सभी संबंधित व्यक्तियों ने खेद व्यक्त किया है। यह भी पढ़ें- कोटा में ही छात्र क्यों मर रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को फटकारा यह भी पढ़ें- ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.