एटा, अगस्त 2 -- मनोहरपुरा शहर के पुराने इलाकों में से एक है। एक समय था कि शहर की जलापूर्ति का यह केंद्र हुआ करता था। अंग्रेजों के जमाने की बनीं पानी की टंकियां यहां थीं। ऊंचाई पर होने के कारण यहां ये टंकियां बनायी गई थीं, ताकि समूचे शहर को यहां से जलापूर्ति की जा सके। हालांकि अब वे टंकियां बेकार होने के बाद अस्तित्व खो चुकी हैं और एक नई टंका बना दी गई है, जो गंगाजल सप्लाई करती है लेकिन मनोहरपुरा के लोग पानी के लिए परेशान हैं। इसके अलावा बिजली संकट भी यहां बरकरार है। बिजली-पानी के संकट से जूझ रहे मनोहरपुरा के लोगों ने इन समस्याओं के समाधान की गुहार लगायी है। कान्हा की नगरी इस समय बिजली की समस्या से बुरी तरह जूझ रही है। शहर में शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र होगा, जहां यह समस्या ना हो। शहर में कब कितनी देर के लिए और कितनी बार बिजली गुल हो, इसका को...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.