आगरा, अक्टूबर 17 -- श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति ने अपने 300 वें वर्ष की शुरुआत चुनरी मनोरथ उत्सव से की, जो इस परंपरा के इतिहास में पहली बार आयोजित हुआ। शुक्रवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई भव्य यात्रा में सैकड़ों भक्त बैंडबाजों और शंखध्वनि के साथ नृत्य करते, भजन गाते हुए 300 मीटर लंबी चुनरी लेकर पार्वती घाट पहुंचे। यमुना तट पर भक्तों ने श्रद्धापूर्वक चुनरी अर्पित कर श्रीकृष्ण की पटरानी को नमन किया। इसके बाद यमुना मैया का दुग्धाभिषेक किया गया। भक्तों ने कलशों में दूध भरकर यमुना जल में अर्पित किया, जिससे तट पर स्निग्ध श्वेत धारा प्रवाहित होती दिखाई दी। यह दृश्य भक्तों की गहन श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बना। सैकड़ों दीपक जलाकर दीपदान किया गया, तो यमुना की लहरों पर झिलमिलाते दीप मानो भक्तों की भावनाओं को उजास में परिवर्तित कर रहे...
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