कानपुर, अगस्त 6 -- कानपुर देहात, संवाददाता। जिले की दक्षिणी सीमा पर उफनाई यमुना नदी के जल स्तर में लगातार गिरावट हो रही है। इससे यमुना-सेंगुर के संगम स्थल वाले गांवों में बाढ़ का खतरा तो टल गया है, लेकिन अभी भी कई गांवों के रास्ते पानी से डूबे हुए हैं। जबकि कीचड़ व गन्दगी से गांवों में बीमारियों के प्रकोप का खतरा बढ़ने लगा है। इधर सैकड़ों बीघा फसलों के नुकसान से आहत किसानों को अब मुआबजे का इंतजार है। जिले में यमुना नदी के उफनाने से आढ़न, पथार, मुसरिया, पड़ाव, कुंभापुर,नगीना, नयापुरवा, भुंडा व चपरघटा आदि गांव टापू बन गए थे। जबकि यमुना का पानी सेंगुर नदी में उल्टा वापस जाने से कई गांवों का सड़क संपर्क कट गया था। यमुना के जलस्तर में गिरावट शुरू होने से पानी से घिरकर टापू बने तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली है लेकिन अभी भी आढ़न पथार सहित कई गांव...
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