बागपत, जुलाई 17 -- धीरे-धीरे यमुना नदी का जलस्तर फिलहाल तो घटने लगा है। इससे प्रशासन के साथ ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है, लेकिन परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सब्जियों की फसल से लेकर पशुओं के चारे के लिए दिक्कत आ रही हैं। बताया जा रहा है कि अब हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में नाम मात्र को ही पानी छोड़ा जा रहा है। दरअसल, पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश के बाद हथनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ दिया गया था, जिससे यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर तक पहुंच गया था। इसके बाद किसानों की फसल भी पूरी तरह से डूब गई थी और निकटवर्ती गांवों में रह रहे ग्रामीणों को भी बाढ़ का खतरा सता रहा था। हालांकि प्रशासन ने भी पूरी तैयारी करते हुए बाढ़ से निपटने के कड़े इंतजाम किए हुए हैं। यमुना नदी का जलस्तर फिलहाल तो कम हुआ है जिस...
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