चंदौली, अक्टूबर 9 -- सैयदराजा ,हिन्दुस्तान संवाद। नगर के रामलीला मैदान पर आयोजित रामलीला मंचन के तीसरे दिन विश्वमित्र का आगमन, ताड़का, मारीच, सुबाहु बध की लीला का मंचन किया गया। ताड़का, मारीच, सुबाहु जैसे राक्षसों के उत्पात से घबराकर ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचते है। वह यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाने की अनुमति मांगते हैं । इस दौरान राजा दशरथ अपने प्रिय पुत्रों को वन भेजने से हिचकते हैं और दु:ख प्रकट करते हैं, लेकिन गुरु वशिष्ठ के समझाने पर राम और लक्ष्मण दोनों भाइयों को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। मार्ग में उन्हें ताड़का नाम की राक्षसी मिलती है। वही राम और लक्ष्मण निडर होकर उस राक्षसी का वध कर देते हैं। उधर मारीच और सुबाहु के दरबार में जब यह समाचार पहुंचता है तो वह अपनी राक्षसी सेना लेकर र...
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