सीतापुर, जून 10 -- लहरपुर, संवाददाता। क्षेत्र के ग्राम धौरहरा में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ, संत सम्मेलन श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पंडित अखिलेश महाराज ने प्रभु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु की महिमा कण-कण में व्याप्त है। इस मौके पर उमेश दीक्षित ने यज्ञ भगवान की पूजा कर आहुतियां डालीं और क्षेत्र में सुख शांति की कामना की। यज्ञाचार्य पंडित राधा मोहन अवस्थी ने यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यज्ञ करने से क्षेत्र में सुख व समृद्धि आती है। कथा व्यास अखिलेश महाराज ने भागवत के प्रथम स्कंध के प्रथम श्लोक का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का स्वरूप विराट है भगवान का कोई जन्म नहीं होता वह भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते है। उन्होंने कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे है। कथा का रसपान करने के लिए भारी संख्या महिलाएं बच्चे और श्रद्ध...
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