कानपुर, जनवरी 25 -- कानपुर देहात। मौसम बदलने के साथ गांवों से लेकर कस्बों तक में गन्ने का रस बेंचने वाले सक्रिय हो गए हैं। कस्बों में जहां जगह-जगह ठेला में मशीनों के साथ गन्ने के रस के स्टाल सजने लगे हैं। वहीं साइकिलों से कैन में लेकर विक्रेता मोहल्लों में फेरी लगाकर गन्ने का रस बेंच रहे हैं। गंदगी तथा मशीनों से निकलने वाले खराब तेल से औषधीय गुण वाला गन्ने का रस फायदे की जगह नुकसान की वजह भी बन सकता है। जनपद में गन्ने की पेराई का काम शुरू होने के साथ इसका रस बेंचने वाले सक्रिय हो गए हैं। इतना ही नहीं लोग गन्ने के रस की खरीदारी भी करने लगे हैं। यद्यपि गन्ने का रस औषधीय गुण से युक्त होता है, लेकिन इसे निकालने व परोसने का प्रबंधन व दूषित पानी से तैयार बर्फ के उपयोग से संक्रमण का खतरा रहता है। डाक्टरों का कहना है कि गन्ना पेरने वाली मशीनों को...