लखीमपुरखीरी, जनवरी 27 -- मंगलवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दिन में आसमान में बादल छाने के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे सर्दी भी बढ़ गई। मौसम के इस बदलाव से खासतौर पर गेहूं और सरसों की फसल उगा रहे किसान चिंतित नजर आए। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल बालियों की अवस्था में है, जबकि सरसों की फसल में दाना भरने का कार्य चल रहा है। ऐसे में लगातार नमी और ठंड बढ़ने से फसलों में रोग लगने की आशंका बनी हुई है। सरसों में माहू और गेहूं में झुलसा रोग का खतरा बढ़ सकता है और सरसों का फूल भी झड़ जाएगा जिससे पैदावार प्रभावित होगी। बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को फिर से सर्दी का अहसास होने लगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि बारिश अधिक नहीं होती है तो गेहूं को आंशिक लाभ भी मिल सकता है, लेकिन ल...