बलिया, दिसम्बर 31 -- बलिया। पिछले एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंड, शीतलहरी और गलन ने आम लोगों का जीवन तो प्रभावित किया ही है, मजदूरों की मंडियों में मायूसी छा गई है। निर्माण कार्य भी कम हो रहे हैं, लिहाजा इससे जुड़े मजदूरों की परेशानी बढ़ गई है। 25 से 30 प्रतिशत मजदूरों को ही काम मिल पा रहा है, वह भी रोजाना नहीं। घंटों इंतजार के बाद उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। इनकी मजबूरी का फायदा ठेकेदार भी उठा रहे हैं और काम के बदले मेहनताना में मोल-भाव कर रहे हैं। 'हिन्दुस्तान' ने अपने 'पांच जगह-पांच रिपोर्टर' श्रृंखला के तहत मंगलवार की सुबह शहर के रामपुर आईटीआई चौराहा, चित्तू पांडेय चौराहा, बहेरी, गुदरी बाजार दुर्गा मंदिर और कदम चौराहा स्थित मजदूर मंडियों की पड़ताल की। गांव से काम की तलाश में आए मजदूरों का दर्द गलन की मार पर भी भारी दिखी। किसी क...