एटा, नवम्बर 16 -- मारहरा। विश्व प्रसिद्ध दरगाह खानकाहे बारकतिया पर चल रहे तीन दिवसीय उर्स ए कासमी का रविवार को कुल की महफिल और तबरूकात की जयारत के साथ समापन हो गया। उर्स के आखरी दिन गुलशने बरकात पार्क में कुल की महफिल में प्रोफेसर सय्यद अमीन मियां कादरी सज्जादा नशीन खानकाहे बरकतिया ने कहा कि हमें मसलके आला हजरत के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। यह कोई नया रास्ता नहीं है बल्कि यह वो ही रास्ता है जो हमारे नबी ने आज से 14 सौ साल पहले बताया था। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को तालीम हर हाल मे जरूर दिलाए। इसके लिए चाहे हमें आधी रोटी ही खाने को मिले। महाराष्ट्र के मालेगांव से आए मशहूर आलमे दीन मौलाना अमीनुल कादरी ने कहा कि आज जो समाज में बुराइयां पैदा हो रही हैं, उस से हम को बच कर रहना होगा। बदायूं से आए अतीफ मियां ने कहा के मारहरा दरगाह शरीफ के ...