रामपुर, मार्च 25 -- आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्थिति यहां तक बदहाल हो चुकी है कि दूसरों की जिंदगी बचाने वाले खाकी वर्दीधारी भी जीवन से मायूस होकर मौत को गले लगा रहे हैं। इसके पीछे किसी की पारिवारिक कलह रही है तो किसी की नौकरी में बढ़ता तनाव, साथियों के आरोप-प्रत्यारोप तो किसी पर अनुचित दवाब...। बीते कुछ समय में मंडल भर में एक के बाद इस तरह की घटनाएं सामने आयी हैं। मनोचिकित्सकों से लेकर मनोवैज्ञानिकों तक की मानें तो-जीवन की यह घुटन ही आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रही है। जबकि, मौत समाधान नहीं है। लिहाजा, अपनी जिंदगी खुलकर जिएं। केस-1 23 मार्च को रामपुर के टांडा थाने में तैनात सिपाही अंकित ने खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। परिजनों की मानें तो मानसिक तनाव के चलते सिपाही अंकित ने आत्महत्या की। परिजनों का आरोप है क...
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