लातेहार, जून 2 -- लातेहार, संवाददाता। झारखंड के लातेहार जिले में महुआडांड़, गारू और छिपादोहर प्रखंडों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग वर्षों से एकल सड़क के रूप में ही मौजूद है। आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी इस क्षेत्र के लगभग 5 से 6 लाख लोग एक संकीर्ण और जर्जर सड़क पर यात्रा को मजबूर हैं। यह मार्ग न केवल आम ग्रामीणों के लिए, बल्कि पर्यटकों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य आपातकालों के लिए भी एकमात्र सहारा है। सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि आम लोगों ने इसे मौत का रास्ता कहना शुरू कर दिया है। संकीर्ण सड़क के कारण सामने से आ रही गाड़ियों से भिड़ंत की आशंका बनी रहती है। तेज रफ्तार वाहनों, खराब सड़कों और जंगल के बीच से गुजरते रास्ते के कारण यह मार्ग हर दिन जानलेवा साबित हो रहा है।
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