सीवान, जुलाई 1 -- गोपालपुर, हुसैनगंज। इस्लामिक कैलेंडर मोहर्रम के महीने को खासकर इमामे हुसैन की शहादत के लिए याद किया जाता है। इमामे हुसैन इस पाक महीने में जंग के दौरान शहीद कर दिए गए किंतु सत्य और न्याय की जीत हुई थी। उनकी शहादत को याद करते हुए शिया सुन्नी समुदाय मोहर्रम में मजलिसे करते हैं और उनके बताए हुए सत्य के रास्ते पर चलने की ताकीद करते हैं। खासकर शिया समुदाय में घर घर में मजलिसों में खिताब किया जाता है और नौहख्वानी एवं मातम की जाती है जिसमें सभी लोग शामिल होते हैं। सुबह से देर रात तक बच्चे, बूढ़े, नौजवान और महिलाएं मजलिसों में शामिल होते देखे जा सकते हैं। हुसैनगंज प्रखंड के गोपालपुर और हुसैनगंज में खास तौर मजलिसों के बड़े आयोजन किए जाते हैं जिसमें दूसरे राज्यों के मौलाना भी शिरकत करते हैं। हुसैनगंज प्रखंड स्थित सैयद टोली इमामबाड़...
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