हाथरस, जुलाई 10 -- हाथरस। हजरत मुहम्मद मुस्तफ़ा के नवासे हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में हर साल की तरह इस साल भी अॅाल इण्डिया शिया सोसायटरी हाथरस की जानिब से आज मोहर्रम की बारहवीं तारीख को दहकते हुए अंगारों पर या हुसैन, या हुसैन की सदायें बुलन्द करते हुए मातम किया गया। मातम से पहले मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैयद अलमदार हुसैन से खिताब फरमाया। मौलाना से फरमाया कि कर्बला के शहीदों की याद हमें इंसानियत के उसूलों पर अमल करने का पैगाम देती है। आगे मौलाना ने पढ़ा कि "लेके हाथों में अब्गसे दिलावर का अलम, जलते शोलों में पला लेकिन जला कोई नहीं।" आग पर मातम करने वालों में शुजा मोहम्मद, हसन जावेद, बाकर हुसैन, इरफान, इमरान, मुबीन, हसन मुहम्मद, चाँद बीबी, एजाज मेहदी, जीशान, जौली, रजा मेहदी, ऐनुल, अरशद, लकी जाफर, शाकिर आदि लोगों ने शिरकत की।
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