भागलपुर, फरवरी 24 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता अखिल भारतीय साहित्यकार परिषद की ओर से बाल्टी कारखाना के पास साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अध्यक्ष महेंद्र निशाकर ने की तो मंच संचालन महासचिव डॉ. नवीन निकुंज ने किया। कवि विनय कुमार कबीरा के सौजन्य से आयोजित कवि गोष्ठी का आगाज लोक गायक कपिलदेव कृपाला द्वारा प्रस्तुत होली गीत से किया गया। दहेज की बढ़ती मांग से उपजी पारिवारिक समस्याओं को जाहिर करते महेश मणि की अंगिका कविता लागै छै मुनिया बनिये गेलै हटिया के सामान हो। केनां के सहवै बेटी के अपमान हो ने श्रोताओं के मन-मस्तिष्क को झकझोर कर दिया। सुजीत कुमार और वयोवृद्ध कवि नरेश ठाकुर निराला ने परिवार में बुजुर्गों के प्रति उपेक्षा को शब्दों में पिरोकर बुजुर्गों का सम्मान करने की अपील की। महेंद्र प्रसाद निशाकर ने अपनी अंगिका कविता...
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