रांची, नवम्बर 11 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। जमीअतुल मोमेनीन चौरासी ने मोमिन, मुस्लिम और जुलाहा जाति को सीएनटी में शामिल करने की मांग उठायी है। इसको लेकर चौरासी मोख्तार अंसारी समेत अन्य ने ट्राइबल रिसर्च इंस्टीटयूट के निदेशक को एक पत्र सौंपा है। इसमें कहा गया है कि सीएनटी एक्ट में जानबूझकर वैसे मुस्लिम जातियों को शामिल किया गया है, जिनकी आबादी झारखंड में नहीं के बराबर है। यहां तक कि उनके पास अपनी जमीन तक नहीं है। भटियारा, चिक, डफाली, धोबी, कसाब और धूनिया इसमें शामिल हैं। एक साजिश के तहत अति पिछड़ी और पुरानी जाति मोमिन मुस्लिम, जुलाहा को सीएनटी में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने मांग की है कि मोमिन और जुलाहा जाति की जमीनों की खरीद-बिक्री जारी है, जिसके कारण इस जाति का अस्तित्व खतरे में है। इस स्थान पर जुहाला जाति की जमीन एक एकड़ है, वहां पर...