पटना, जून 19 -- भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युग में संविधान के खिलाफ आरएसएस की आज सुपर सरकार चल रही है। गुरुवार को जारी बयान में उन्होंने सायण कुणाल को बिहार धार्मिक न्यास परिषद के बोर्ड में शामिल किए जाने को लेकर दिये बयान की आलोचना की। दीपंकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक व्यक्ति विशेष की नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि सरकार और संघ परिवार के बीच गहरे साठगांठ का प्रमाण है। भाकपा माले के महासचिव ने कहा है कि यह एक खतरनाक मिसाल है, जो हमारे संविधान, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही जनता के लिए शासन है? उन्होंने राज्य सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि क्या बिहार में विभागीय नियुक्तियां अब संघ कोटे से होंगी? क्या बिहार धार्मिक न्यास परिष...
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