प्रयागराज, फरवरी 7 -- माघ मेला के सेक्टर तीन स्थित गंगा पंडाल में आयोजित पांच दिवसीय किसान मेला के तीसरे दिन शनिवार को किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। पशुपालन, बकरी पालन और भेड़ पालन को शामिल करने से एक तरफ किसानों की आय में वृद्धि होती है, वहीं दूसरी तरफ उनका अपशिष्ट खाद के रूप में भी उपयोग में लाया जाता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. निमिषा नटराजन ने मोटे अनाज और पोषण के बारे में किसानों को जानकारी दी। बताया कि मोटे अनाजों के प्रयोग से शरीर में होने वाले पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है। मोटे अनाज प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेड, वसा, पोषक तत्व, विटामिन से भरपूर होते हैं। इनके सेवन से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है तथा शरीर स्वस्थ रहता है। मोटे अनाज की पैदावार बढ़ाएं। कौशाम्बी के कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञान...