सीवान, सितम्बर 29 -- बड़हरिया, एक संवाददाता। मोटे अनाज को हमारे पूर्वजों की पहचान माना जाता था। बाजरा, ज्वार, मड़ुआ और सावा जैसे अनाजों के सेवन से लोग लंबी आयु और स्वस्थ जीवन जीते थे। लेकिन बदलते समय में यह परंपरा लगभग भुला दी गई है। ऐसे में भोपतपुर पंचायत के विशुनपुरा गांव की महिला किसान लालसा देवी ने मोटे अनाज की खेती को फिर से जीवंत करने का संकल्प लिया है। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान लालसा देवी अम्बे महिला खाद्य सुरक्षा समूह की अध्यक्ष हैं। वह पिछले दो साल से आत्मा सिवान के मार्गदर्शन में लगातार मोटे अनाज का उत्पादन कर रही हैं। उनके नवाचार और मेहनत के लिए उन्हें कई राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिल चुके हैं। राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री से लेकर कृषि वैज्ञानिक तक उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। महिलाओं को कर रहीं ...
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