झांसी, नवम्बर 22 -- शनिवार को झांसी की रानी महारानी लक्ष्मीबाई की सहेली वीरांगना झलकारी बाई की 195वीं जयंती उल्लास से मनाई गई। जगह-जगह कार्यक्रम हुए। वक्ताओं ने उनकी वीरगाथा के किस्से सुनाए। उनकी शान में कसीदे पढ़े गए। शहर में विभिन्न स्थानों पर गाजे-बाजे के साथ झलकारी बाई की शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें सन 1857 के गदर के सिपाही घोड़े पर सवार होकर चल रहे। शनिवार को सियासी, गैर सियासी संगठनों के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। तालपुरा स्थित कोरी समाज मंदिर से झलकारीबाई की शोभायात्रा शुरू हुई। हाथों में तलवार, घोड़े पर सवार छात्राएं झलकारी बाई के रूप में अनोखी छटा बिखेर रही थीं। पीछे-पीछे 1857 के गदर के सिपाही चल रहे थे। लोग वीरांगना की शान में नारे लगा रहे थे। बाद में सभा हुई। जहां उनके बारे में विस्तार से बताया गया। वी...