कानपुर, फरवरी 2 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। एक फरवरी से पान मसाला महंगा होने के बावजूद कारोबारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बजट के बाद कीमतों में इजाफा तो हुआ, लेकिन मैनुअल और मशीनरी उत्पाद के अंतर को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने से कानपुर समेत आसपास के लगभग 20 हजार पान मसाला कारोबारियों ने कारोबार अस्थायी तौर पर समेट लिया है। इसके पीछे कारोबारियों को डर सता रहा कि कहीं मैनुअल माल तैयार करने में जरा सा भी मशीन का इस्तेमाल किया तो यह भारी पड़ जाएगा। नए सेस के अनुसार करोड़ों की देनदारी पड़ेगी। कानपुर के अलावा बांदा, हमीरपुर, झांसी, जालौन, उरई में पान मसाला का मैनुअल कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। कारोबारियों का कहना है कि बजट में उम्मीद थी कि मैनुअल रूप से तैयार पान मसाला और मशीन से बने उत्पादों के बीच टैक्स और सेस को लेक...
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