नई दिल्ली, जनवरी 16 -- जावेद अख्तर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में थे तो उन्होंने इंडस्ट्री में अपने पुराने दिनों को याद किया। बताया कि तब असिस्टेंट डायरेक्टर की पोजीशन को काफी अपमान झेलना पड़ता था। कहा जाता था कि मैडम के सैंडल उठाकर लाओ। उस वक्त के एडी हीरो का नाम भी नहीं ले सकते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। जावेद ने अपना बचपन याद किया और बताया कि कैसे नानी के घर में उन्हें शुरुआती धर्म की शिक्षा मिली।असिस्टेंट डायरेक्टर का होता था अपमान जावेद अख्तर 19वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के उद्घाटन में थे। उन्होंने बताया कि पहले असिस्टेंट डायरेक्टर्स को क्या-क्या करना पड़ता था। पीटीई की रिपोर्ट के मुताबिक जावेद बोले, 'आज फिल्म इंडस्ट्री में चीजें बहुत व्यवस्थित हो गई हैं। मुझे याद है जब मैं असिस्टेंट डायरेक्टर था और पहली बार फिल्म इंडस्ट्री जॉइन की थी तब अ...