नई दिल्ली, फरवरी 12 -- दिल्ली की एक विशेष अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान बाप-बेटे की हत्या के मामले में बुधवार को कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषी ठहराया। उनकी सजा पर 18 फरवरी को बहस होगी। अदालत के फैसले के बाद दंगा पीड़ितों के परिवारों और सिख नेताओं ने सज्जन कुमार (79 साल) को दोषी ठहराए जाने का स्वागत किया और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दंगा पीड़ितों ने कहा कि 1984 में जो हुआ वह दंगा नहीं बल्कि सिख नरसंहार था। इस बारे में पीटीआई से बात करते हुए त्रिलोकपुरी के पीड़ित सुरजीत सिंह ने कहा, 'सिखों को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया गया और उनकी हत्या की गई। हम चाहते हैं कि 18 फरवरी को उन्हें मौत की सजा दिया जाए, ताकि सभी अपराधियों को पता चले कि एक निर्दोष परिवार को जलाने की ...
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