फतेहपुर, नवम्बर 25 -- मृतक लेखपाल की शादी छह महीने पहले पड़ोसी गांव की काजल के साथ तय हुई थी। आठ जून को एक होटल से धूम धाम से इंगेजमेंट हुई थी। 26 नवंबर शादी की तारीख भी उसी दिन तय हो गई थी। लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था। परिवार के बीच अचानक सन्नाटा और बढ़ गया जब मंगेतर परिवार के साथ मृतक के घर पहुंच गई। उसके कदम घर की दहलीज पर ठिठक गए। हाथों में रात में लगाई गई मेहंदी थी। कलाई में कंकन बंधा था और आंखों में सवाल क्यों सुधीर? कल सिर पर सेहरा होना था, आज कफन है क्यों?

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...