फतेहपुर, जनवरी 6 -- फतेहपुर। भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों में निलंबित लेखपाल की बहाली के आदेश से अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो गए। पीड़िता से संपर्क किए बगैर ही जांच अधिकारियों ने दोषमुक्त करते हुए बहाली का आदेश जारी कर दिया। जिसके बाद पीड़िता उच्चाधिकारियों के पास पहुंची और बहाली पर रोक लगाने के साथ निष्पक्ष जांच की मांग रखी। बिंदकी तहसील के साई गांव निवासी कुंती पत्नी रघुवीर ने डीएम को बताया कि बाउंड्रीवाल न गिराने के एवज में लेखपाल ने 25 हजार की मांग रखी थी। जिसकी रकम न पहुंचने पर बगैर किसी आदेश के ही जेसीबी से गिरा दिया गया। जबकि पिछले 70 वर्षो से संचालित है और खड़ंजा बना है। शिकायत और रिकार्ड ऑडियो के तहत निलंबन की कार्रवाई हुई थी। निलंबन के बाद से ही लेखपाल द्वारा पति को देख लेने व दोबारा चार्ज मिलने के बाद कार्रवाई की धमकी दी जात...
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