नोएडा, जनवरी 19 -- मेरा दर्द मैं ही जानता हूं। मेरी आंखों के सामने मेरे बेटे की जान गई और मैं अपने तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचा नहीं सका। मेरी आंखों के सामने ही बेटा पानी में समा गया और पानी से उसका शव निकला। यह शब्द हैं, इस हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता के। राजकुमार मेहता की आंखों के सामने ही उनका इकलौता बेटा पानी में समा गया। वह तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचा नहीं सके। यह दर्द अब उन्हें जीवनभर सालता रहेगा। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी की शाम नौ बजे बेटे से बात हुई। उसने कहा ऑफिस में काम ज्यादा था, इसलिए लेट हो गया। उन्होंने कोहरे को देखते हुए कहा था कि वह सावधानी से आए। उनका दावा है कि उनका बेटा कभी शराब नहीं पीता था और न ही अधिक तेज गति से कार चलाता था। लेकिन पता नहीं कैसे यह हादसा हुआ और उसकी क...