विकासनगर, मई 3 -- नगर निगम और निकायों में निर्वाचित मेयर, अध्यक्ष को टेंडर कमेटियों से बाहर किए जाने के शासनादेश को मंडी परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस के विपुल जैन ने दुर्भाग्यपूर्ण व लोकतंत्र के विरुद्ध बताया। मीडिया को जारी बयान में जैन ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि को लोकल सेल्फ गर्वनमेंट की संज्ञा नगर निकाय ऐक्ट के अधीन उत्तर प्रदेश के समय से दी जाती रही है। कहा कि बड़ी विचित्र नीति के तहत अब जनहित के लिए सामग्री खरीद और निर्माण कार्य के लिए, निर्वाचित प्रतिनिधियों के द्वारा दिए जाने वाले प्रस्ताव की जांच व स्वीकृति समिति के विभिन अधिकारीगण सदस्य करेंगे। कहा कि यह शासनादेश निर्वाचित प्रतिनिधिगण, जिनमें अध्यक्ष के साथ पार्षदों की भी जवाबदेही अपने वार्ड के वोटर के प्रति है, उनके अधिकारों का पूर्ण हनन करता है। कहा कि शासनादेश को निर...
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