नई दिल्ली, नवम्बर 13 -- पशु अधिकारों की पैरोकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने गुरुवार को आवारा पशुओं को हटाकर आश्रय गृहों में स्थानांतरित करने के सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश को 'अव्यावहारिक' करार देते हुए कहा कि भारत में पशुओं के प्रति हमारा नजरिया दया-भावना पर टिका होना चाहिए। कोर्ट ने हाल ही में अपने फैसले में स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य भवनों से आवारा कुत्तों को हटाने, उनकी नसबंदी व टीकाकरण कराकर शेल्टर होम में रखने का आदेश जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों के काटने की घटनाओं में 'खतरनाक वृद्धि' पर ध्यान देते हुए अधिकारियों को ऐसे पशुओं को निर्धारित आश्रयों में भेजने का निर्देश दिया। साथ ही, शीर्ष अदालत ने नेशनल हाईवे...