देहरादून, फरवरी 13 -- राजकीय मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और मरीज-केंद्रित बनाने के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर (एमएसडब्लू) की भूमिका केवल मरीजों की मदद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे अस्पताल प्रबंधन और नीति निर्माण में भी अहम योगदान देंगे। चिकित्सा शिक्षा सचिव सचिन कुर्वे ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत, ये अधिकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे और फीडबैक के जरिए सुधार लाएंगे। वे मेडिकल और नर्सिंग छात्रों को 'फैमिली एडॉप्शन प्रोग्राम' के तहत व्यावहारिक सामाजिक प्रशिक्षण भी देंगे। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ पात्र मरीजों तक पहुंचाना, कैंसर, टीबी व एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों की काउंसिलिंग और डिस्चार्ज के बाद फॉलो-अप भी इनकी जिम्मेदारी होगी। सर...
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