वाराणसी, दिसम्बर 6 -- वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान-दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) में शुक्रवार को विश्व मृदा दिवस पर मिट्टी के स्वास्थ्य के महत्व और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा पर विशेष व्याख्यान हुआ। आइसार्क के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य सतत कृषि और सुदृढ़ खाद्य प्रणालियों की आधारशिला है। उन्होंने मिट्टी के पोषण, संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत बताई। विशेषज्ञ ताराचंद बेलजी ने भी मिट्टी के पुनर्जीवन में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जैव संसाधन-आधारित समाधान को रेखांकित किया। व्याख्यान में 30 किसानों, आइसार्क के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

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