बहराइच, फरवरी 10 -- तेजवापुर, संवाददाता। डॉ. सर्वेश कुमार शुक्ला आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल सबलापुर को देहदान के माध्यम से एक केडेवर (मृत शरीर) मिला। जिससे बीएएमएस के छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिकल का अवसर मिला। यह पहल चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने में सहायता मिलेगी। चेयरमैन डॉ. सर्वेश कुमार शुक्ला ने कहा कि मानव सेवा की सर्वोच्च मिसाल माने जाने वाले देहदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के जीवन को संवारने का माध्यम बनता है। एसोसिएट प्रोफेसर (रचना शरीर विभाग) के डॉ. देवेश कुमार तिवारी व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार माहिच ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा में वास्तविक मानव शरीर पर अध्ययन करन...