मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 4 -- बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की बहाली में फर्जी दस्तावेज लगाने के मामले की बीआरएबीयू प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती छानबीन में यह बात सामने आई है कि जिन कॉलेजों के पास अनुभव प्रमाण पत्रों को जारी करने की अर्हता नहीं है, उन्होंने भी धड़ल्ले से शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र बांट दिए हैं। एक कालेज में मूक बधिर दिव्यांगता प्रमाण पत्र पर बहाल महिला प्रोफेसर का बोलकर पढ़ाते वीडियो भी वायरल है। बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने बताया कि गड़बड़ी सामने आने के बाद अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। इसी महीने अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच शुरू होगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विवि प्रशासन के अनुसार, दोषी पाए गए शिक्षकों को बर्खास्...