पटना, नवम्बर 14 -- बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। एनडीए जहां अब तक के सबसे बड़े बहुमत की ओर बढ़ चुका है तो महागठबंधन 30 से कम सीटों पर सिमटता दिख रहा है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है आरजेडी की ऐसी दुर्गति के पीछे एक वजह यह भी है कि अब 'MY' फैक्टर भी उसके साथ नहीं रहा। बिहार चुनाव में एक बार फिर आरजेडी ने सबसे अधिक 'मुस्लिम-यादव' समीकरण पर ही भरोसा जताया था। पार्टी ने 50 सीटों पर यादव तो 18 पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन 4 बजे तक आए नतीजों/रुझानों को देखकर पता चलता है कि ना तो मुस्लिम वोटर्स इस बार पार्टी के साथ एकजुट रहे और ना ही यादवों ने एकमुश्त वोट लालटेन के पक्ष में दिया।
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