अयोध्या, जुलाई 5 -- अयोध्या। नवीं मोहर्रम का जुलूस इमाम हुसैन से मोहब्बत और हिंदू मुस्लिम एकता एक गहरा और महत्वपूर्ण विषय है। कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत ने न्याय और सच्चाई के लिए बलिदान की भावना को जगाया। इमाम हुसैन 680ई. में कर्बला के मैदान में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की याद में हर साल की तरह मरहूम इंजीनियर शफात हुसैन के मकान से शनिवार की रात में 10 बजे ऐतिहासिक मुश्तरी का ताजिए जुलूस उठाया जाएगा। यह जूलूस गुदड़ी बाजार , चौक , रीडगंज होते हुए इमामबाड़े जाएगा। जुलूस में अंजुमन ए मासूमिया और अंजुमन गुंचए मजलूमिया नौहाखानी करेगी। अंजुमन मासूमिया में विक्रम शर्मा नोहाख्वानी करेंगे। अभी भी साहिबेबयाज हैं। यह जानकारी आगा सरदार हुसैन मीडिया प्रभारीअंजुमन ए मासूमिया ने दी।
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