सीतामढ़ी, दिसम्बर 8 -- परसौनी । परसौनी प्रखंड की देमा पंचायत के मुशहरी गांव के लोगों की जिंदगी बागमती नदी के पुरानी धार की स्थिति तय करती है। इसमें पानी कम रहने पर जहां वे लोग चचरी पुल का निर्माण कर आवागमन के लिए प्रयोग करते है। वहीं बारिश व बाढ़ आने पर नाव के सहारे ही जिंदगी चलती है। पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 50 साल का इंतजार कब खत्म होगा, इसका इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं यहां पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देती हैं। पुल नहीं होने व गांव में स्कूल की व्यवस्था नहीं होने की वजह से बच्चों के शिक्षा पर भी असर पर रहा है। वहीं स्वास्थ्य सुविधा व अन्य कार्यो के लिए उन्हें 10 किमी का चक्कर लगाकर जाना होता है या फिर नदी की धार में चलने वाले नाव का सहारा लेना पड़ता है। लोगों ने बताया कि बारिश शुरू होत...
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