वाराणसी, नवम्बर 15 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। अगहनी जुमे पर बुनकरों ने मुर्री बंद रखी। लूम के ताने-बाने पर उनकी उंगलियां शुक्रवार को नहीं मचलीं। खुदा की बारगाह में लोग बाजमात हुए। नमाज पढ़ी, सजदा किया और दुआएं मांगी। देश, शहर में खुशहाली और अमन-ओ-अमान हो। कर्ज से मुक्ति, बीमारी से सिफा की खुदा से इल्तिजा की। इस दौरान शादी-बरात में कम (सिर्फ दस लोग) जाने का संकल्प लिया। अलईपुरा, कच्चीबाग, बड़ीबाजार, सरैयां, दोषीपुरा, जलालीपुरा और आसपास के इलाकों में करघों की खटर-पटर पूरे दिन थमी रही। कारखानों में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर होते-होते पुलकोहना (पुरानापुल) स्थित ईदगाह और चौकाघाट मस्जिद में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। ईदगाह में करीब तीन हजार लोग इकट्ठा हुए थे। दोपहर 1.45 बजे मौलाना जहीर ने खुतबा दिया। दुआ के दौरान वे भावुक हो उठे और आंखें ...
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